योजना अपने त्रि–वार्षिक अधिवेशनों में राष्ट्र के समक्ष खड़े ज्वलंत प्रश्नों जैसे भारतीय राष्ट्रीयता या राष्ट्र की अवधारणा एवं नारी चिन्तन के विभिन्न पक्षों को भारतीय परम्परा की दृष्टि से विश्लेषित करने का सतत प्रयास किया है।
इसके साथ ही योजना ने राँची में सम्पन्न अपने चिन्तन बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा अर्थात भारतीय सैन्य व्यवस्था, कृषि और लघु उद्योगों पर आधारित भारत की जीवन दायिनी अर्थव्यवस्था को भी भविष्य में सुदृढ़ करने का संकल्प लिया है।
योजना ने भारतीय दृष्टि से शिक्षा और कर्म के आधार पर विभिन्न जातियों के समय इतिहास के अध्ययन को अपनी प्राथमिकता में लिया है।